PM Vishwakarma Yojana एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया है। इस योजना का उद्देश्य कारीगरों और शिल्पकारों को समग्र एवं शुरू से अंत तक सहायता प्रदान करना है। इसके अंतर्गत बिना जमानत ऋण (Collateral Free Credit), कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन तथा बाजार से जुड़ाव (मार्केट लिंक) की सुविधा दी जाती है। यह योजना प्रारंभिक रूप से पाँच वर्षों के लिए, वर्ष 2027-28 तक लागू की जाएगी।
पीएम विश्वकर्मा योजना Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | PM Vishwakarma |
| सरकार | भारत सरकार |
| विभाग | सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग |
| प्रारंभ किया | नरेंद्र मोदी |
| लॉन्च तिथि | 17 सितंबर 2023 |
| कुल लाभार्थी | 1 करोड़ से अधिक कारीगर |
| आयु सीमा | 18 से 60 वर्ष |
| ऋण राशि | ₹1 लाख / ₹2 लाख |
| टूलकिट प्रोत्साहन | ₹15,000 |
| प्रशिक्षण भत्ता | ₹500 प्रतिदिन |
| आधिकारिक वेबसाइट | यहाँ क्लिक करें |

PM Vishwakarma Yojana उद्देश्य
- कारीगरों और शिल्पकारों को “विश्वकर्मा” के रूप में मान्यता देना, ताकि वे योजना के सभी लाभ प्राप्त कर सकें।
- उनके कौशल को निखारने के लिए कौशल उन्नयन (Skill Upgradation) और उपयुक्त प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराना।
- उनकी क्षमता, उत्पादकता और उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बेहतर और आधुनिक उपकरणों की सहायता प्रदान करना।
- लाभार्थियों को बिना जमानत के आसान ऋण उपलब्ध कराना तथा ब्याज अनुदान (Interest Subvention) के माध्यम से ऋण की लागत कम करना।
- डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन देना।
- ब्रांड प्रचार और बाजार से जुड़ाव के लिए मंच उपलब्ध कराना, जिससे उन्हें विकास के नए अवसर मिल सकें।
कार्यान्वयन एजेंसी
यह योजना निम्नलिखित मंत्रालयों/विभागों द्वारा संयुक्त रूप से लागू की जाती है:
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME)
- कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE)
- वित्त मंत्रालय के अंतर्गत वित्तीय सेवा विभाग (DFS)
PM Vishwakarma Yojana Benefits
मान्यता (Recognition):
प्रमाण पत्र और पहचान पत्र के माध्यम से “विश्वकर्मा” के रूप में मान्यता प्रदान की जाएगी।
कौशल विकास (Skilling):
कौशल सत्यापन के बाद 5-7 दिनों (40 घंटे) का बेसिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इच्छुक उम्मीदवार 15 दिनों (120 घंटे) के एडवांस प्रशिक्षण में भी नामांकन कर सकते हैं।
प्रशिक्षण भत्ता (Training Stipend):
₹500 प्रतिदिन।
टूलकिट प्रोत्साहन (Toolkit Incentive):
₹15,000 की अनुदान राशि।
ऋण सहायता (Credit Support):
- बिना जमानत के उद्यम विकास ऋण:
- ₹1,00,000 (पहली किस्त – 18 माह की अदायगी अवधि)
- ₹2,00,000 (दूसरी किस्त – 30 माह की अदायगी अवधि)
- रियायती ब्याज दर: लाभार्थी से 5% ब्याज लिया जाएगा, जबकि अधिकतम 8% तक का ब्याज अनुदान सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) द्वारा दिया जाएगा।
- क्रेडिट गारंटी शुल्क भारत सरकार (GoI) द्वारा वहन किया जाएगा।
डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन (Incentive for Digital Transaction):
प्रति लेनदेन ₹1, अधिकतम 100 लेनदेन प्रति माह तक।
मार्केटिंग सहायता (Marketing Support):
राष्ट्रीय विपणन समिति (NCM) द्वारा गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग एवं प्रचार, ई-कॉमर्स से जुड़ाव, व्यापार मेले में विज्ञापन, प्रचार-प्रसार तथा अन्य विपणन गतिविधियों जैसी सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
नोट: प्रोत्साहन राशि के वितरण की सूचना लाभार्थियों को SMS के माध्यम से दी जाएगी।
PM Vishwakarma Yojana Eligibility
- जो कारीगर या शिल्पकार हाथों और औजारों से कार्य करता हो तथा योजना में उल्लिखित 18 पारंपरिक पारिवारिक व्यवसायों में से किसी एक से जुड़ा हो और असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के आधार पर कार्यरत हो, वह पीएम विश्वकर्मा के अंतर्गत पंजीकरण के लिए पात्र होगा।
- पंजीकरण की तिथि पर लाभार्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
- लाभार्थी पंजीकरण की तिथि पर संबंधित व्यवसाय में सक्रिय रूप से कार्यरत होना चाहिए तथा पिछले 5 वर्षों में स्वरोजगार या व्यवसाय विकास हेतु केंद्र या राज्य सरकार की समान ऋण-आधारित योजनाओं (जैसे – पीएमईजीपी, पीएम स्वनिधि, मुद्रा आदि) का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
- योजना के अंतर्गत पंजीकरण और लाभ एक ही परिवार के केवल एक सदस्य तक सीमित रहेगा। इस योजना में ‘परिवार’ की परिभाषा पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों से है।
- सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति तथा उनके परिवार के सदस्य इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होंगे।
PM Vishwakarma Yojana आवेदन प्रक्रिया
(i) पात्र लाभार्थियों को अपने क्षेत्र के निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से नामांकन कराना अनिवार्य है।
(ii) लाभार्थी स्वयं या ग्राम स्तर उद्यमी (VLE) / गणनाकर्ता की सहायता से CSC पर आवेदन कर सकते हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया
चरण 1:
सबसे पहले पीएम विश्वकर्मा के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ। होमपेज के ऊपरी दाएँ कोने में दिए गए “लॉगिन” विकल्प पर क्लिक करें और फिर “CSC–कारीगर पंजीकरण” चुनें। इसके बाद आप पंजीकरण पेज पर पहुँच जाएंगे।
चरण 2:
“पंजीकरण अभी” पेज पर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर हाँ/नहीं में दें और “जारी रखें” पर क्लिक करें।
इसके बाद आधार सत्यापन पेज खुलेगा, जहाँ आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त 6 अंकों का OTP दर्ज करें और आगे बढ़ें।
अगले पेज पर अपनी आधार संख्या और आधार से पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज कर “जारी रखें” पर क्लिक करें।
PM Vishwakarma आवेदन प्रक्रिया
चरण 1:
अपने नजदीकी CSC केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करें।
चरण 2:
ऑनलाइन आवेदन पत्र में सभी आवश्यक विवरण भरें और “जमा करें” पर क्लिक करें।
अगली स्क्रीन पर प्रदर्शित आवेदन संख्या को भविष्य के लिए सुरक्षित नोट कर लें और “सम्पन्न” पर क्लिक करें।
सत्यापन प्रक्रिया
चरण 1:
ग्राम पंचायत या शहरी स्थानीय निकाय (ULB) स्तर पर पात्रता की जाँच की जाएगी।
चरण 2:
जिला कार्यान्वयन समिति द्वारा आवेदन की समीक्षा और अनुशंसा की जाएगी।
चरण 3:
सभी दस्तावेजों एवं पात्रता की पुष्टि के बाद, समिति अंतिम स्वीकृति प्रदान करेगी।
लाभ वितरण
तीनों चरणों का सत्यापन सफल होने के बाद कारीगर एवं शिल्पकारों का औपचारिक रूप से विश्वकर्मा के रूप में पंजीकरण किया जाएगा। उन्हें एक डिजिटल आईडी, पीएम विश्वकर्मा डिजिटल प्रमाण पत्र तथा पीएम विश्वकर्मा आईडी कार्ड प्रदान किया जाएगा।
यह प्रमाण पत्र उन्हें विश्वकर्मा के रूप में मान्यता देगा, जिससे वे योजना के अंतर्गत उपलब्ध सभी लाभों का उपयोग करने के पात्र बन जाएंगे।
Required documents of PM Vishwakarma Yojana
- Mobile Number
- Email ID
- Aadhar Card
- Address Proof
- Ration Card
- Caste Certificate
- Bank Account Statement
- Passport Size Photo
पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभ
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना अपने लाभार्थियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएँ प्रदान करती है। आइए इन्हें एक-एक करके समझते हैं:
1. मान्यता (Recognition)
लाभार्थियों को “विश्वकर्मा” के रूप में आधिकारिक मान्यता दी जाती है। साथ ही उन्हें एक प्रमाण पत्र और पहचान पत्र (ID Card) प्रदान किया जाता है। इससे वे अपने कौशल को प्रदर्शित कर सकते हैं और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
2. कौशल प्रशिक्षण (Skills Training)
योजना के तहत 5-7 दिनों (40 घंटे) का बेसिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इच्छुक उम्मीदवार 15 दिनों (120 घंटे) का एडवांस प्रशिक्षण भी ले सकते हैं।
प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों को ₹500 प्रतिदिन की आर्थिक सहायता भी दी जाती है।
3. टूलकिट अनुदान (Toolkit Grant)
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थियों को अपने कार्य के लिए आवश्यक उपकरण और औजार खरीदने हेतु ₹15,000 की अनुदान राशि प्रदान की जाती है।
4. ऋण सहायता (Loan Assistance)
लाभार्थियों को बिना जमानत (Collateral-Free) उद्यम विकास ऋण के रूप में ₹1,00,000 दिया जाता है, जिसे 18 महीनों के भीतर चुकाना होता है।
समय पर ईएमआई का भुगतान करने पर ₹2,00,000 का दूसरा ऋण 30 महीनों की अवधि के लिए उपलब्ध होता है।
इन ऋणों पर 5% की रियायती ब्याज दर लागू होती है तथा क्रेडिट गारंटी शुल्क सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
5. डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन (Incentive for Digital Transactions)
लाभार्थियों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। प्रत्येक डिजिटल लेनदेन पर ₹1 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है (अधिकतम 100 लेनदेन प्रति माह तक)।
6. मार्केटिंग सहायता (Marketing Assistance)
योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय विपणन समिति (NCM) के माध्यम से गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग एवं प्रचार, ई-कॉमर्स से जुड़ाव, व्यापार मेलों में विज्ञापन तथा अन्य विपणन गतिविधियों में सहायता प्रदान की जाती है, जिससे लाभार्थी अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रभावी प्रचार कर सकें।
PM Vishwakarma Trade List
PM Vishwakarma beneficiaries should be engaged in one of the following 18 family-based traditional occupations. We have listed the 18 eligible PM Vishwakarma Trade List here.
- Carpenter
- Boat Maker
- Armor Maker
- Barbers
- Lohar (Blacksmith)
- Hammer and Tool Kit Maker
- Locksmith
- Goldsmith
- Potter
- Fishing Net Maker
- Sculptor/Stone Carver/Stone Breaker
- Cobblers/Shoemakers/Footwear Artisans
- Masons
- Basket Makers/Basket Weavers/Mat Makers/Coir Weavers/Broom Makers
- Doll and Toy Makers (Traditional)
- Garland Makers
- Washermen
- Tailor
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न- PM Vishwakarma Yojana
प्रश्न 1: PM Vishwakarma योजना के लिए कौन पात्र है?
उत्तर: इस योजना के लिए वे कारीगर और शिल्पकार पात्र हैं जो हाथों और औजारों से कार्य करते हैं, असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार करते हैं तथा योजना में शामिल 18 पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक से जुड़े हैं। आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
प्रश्न 2: PM Vishwakarma के तहत कितना ऋण मिलता है?
उत्तर: लाभार्थियों को पहले चरण में ₹1 लाख का बिना जमानत ऋण दिया जाता है, जिसे 18 महीनों में चुकाना होता है। समय पर भुगतान करने पर दूसरे चरण में ₹2 लाख का ऋण 30 महीनों की अवधि के लिए उपलब्ध होता है।
प्रश्न 3: क्या प्रशिक्षण के दौरान कोई आर्थिक सहायता मिलती है?
उत्तर: हाँ, प्रशिक्षण अवधि के दौरान लाभार्थियों को ₹500 प्रतिदिन का प्रशिक्षण भत्ता दिया जाता है।
प्रश्न 4: PM Vishwakarma योजना में आवेदन कैसे करें?
उत्तर: पात्र लाभार्थी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद ग्राम पंचायत/ULB और जिला स्तर पर सत्यापन किया जाता है, फिर स्वीकृति मिलने पर लाभ प्रदान किए जाते हैं।